पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियों के खिलाफ 30 तारीख को 'ओडिशा बंद' का आह्वान, शिक्षामंत्री के इस्तीफे पर अड़ा नवनिर्माण कृषक संगठन
ओडिशा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गंभीर गलतियों और त्रुटियों को लेकर नवनिर्माण कृषक संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आगामी 30 तारीख को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन ने राज्य के जनशिक्षा (स्कूल एवं सामूहिक शिक्षा) मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। सार संक्षेप (Summary): तारीख: आगामी 30 तारीख को पूरे राज्य में बंद का आह्वान। संगठन: नवनिर्माण कृषक संगठन (NNKS)। मुख्य कारण: राज्य की पाठ्यपुस्तकों में हुई गंभीर गलतियां और शिक्षा विभाग की विफलता। प्रमुख मांग: जनशिक्षा मंत्री का पद से तत्काल इस्तीफा और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।

भुवनेश्वर/कलिंग दर्पण: (रोहित कुमार निआल)
राज्य में स्कूली पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों में सामने आई गंभीर त्रुटियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की कथित विफलता के विरोध में ‘नवनिर्माण कृषक संगठन’ (NNKS) ने आगामी 30 तारीख को संपूर्ण ओडिशा बंद का बड़ा आह्वान किया है। संगठन ने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राज्य के जनशिक्षा मंत्री से तत्काल प्रभाव से इस्तीफे की मांग की है।

संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों में इस तरह की भ्रामक और तथ्यात्मक गलतियां सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और पाठ्यपुस्तक समिति की यह लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। संगठन का आरोप है कि बार-बार संज्ञान में लाए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस और जवाबदेह सुधारात्मक कदम नहीं उठाया।
30 तारीख को बंद रहेंगी सामान्य गतिविधियां
संगठन ने स्पष्ट किया है कि 30 तारीख को प्रस्तावित बंद के दौरान राज्यभर में सार्वजनिक परिवहन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और गैर-आवश्यक सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं जैसे अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा की दुकानों और फायर ब्रिगेड को इस बंद से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। संगठन ने आम नागरिकों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों और छात्र संगठनों से छात्रों के हित में इस बंद को नैतिक और सक्रिय समर्थन देने की अपील की है।

सरकार की जवाबदेही पर उठे सवाल
विपक्ष और नागरिक समाज के विभिन्न वर्गों में भी पाठ्यपुस्तक विवाद को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी संगठन ने दो-टूक कहा है कि जब तक विभागीय मंत्री अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते और त्रुटिपूर्ण पुस्तकों को वापस लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
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